अफजल गुरू देशभक्त है, भगत सिंह व साध्वी आतंकवादी है।
सिमी, इंडियन मुजाइद्दीन समाज सेवा में लगे संगठन है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विष्व हिन्दू परिषद आतंकवादी संगठन है।
गोधरा-कांड एक दुघर्टना है, गुजरात दंगे सुनियोजित हैं।
15 प्रतिशत मुसलमान इंसान है, 85 प्रतिशत हिन्दू कूड़ा-कचरा हैं।
मालेगांव धमाके ही सच्चे धमाके हैं, अन्य जगहों पर हुए धमाके दिवाली के पटाखे हैं।
मालेगांव में 5 मुसलमानों की मौत बहुत बड़ी घटना है, दूसरे स्थलों पर सहस्रों की संख्या में मौत के शिकार हिन्दू केकड़े हैं।
मुसलमानों के लिए आरक्षण, हिन्दुओं के लिए धमाके।
हज के लिए करोड़ो रूपये, अमरनाथ यात्रा के लिए फूटी कौड़ाी नहीं।
इस्लामी आतंकवाद का समर्थन धर्मनिरपेक्षता है, भारतीय को मारना देशप्रेम हैं।
बाबरी ढ़ांचे का गिराया जाना एक मुद्दा है, सैकड़ौं हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त करना विकास कार्य है।
मुसलमान की मौत मृत्यु है, हिन्दू की मौत नियति हैं।
हिन्दुओं को नियमों का पालन करना चाहिए, मुसलमानों के लिए कोई नियम नहीं।
अल्लाह परमेश्वर है, राम एक काल्पनिक पात्र है।
क्या यह हमारे सपनों का भारत हैं।
Wednesday, November 4, 2009
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