Thursday, July 14, 2011

Politics in INDIA

Recently Sonia Gandhi went to a school to interact with the children there. After a brief talk she asked if anyone had any questions. One boy raised his hand.
Sonia: "What's your name"?
Boy : "RAHIM"
Sonia: "What are your questions"?
Rahim: "I've 3 questions...

1. Why did you attack & kidnap Baba Ramdev without approval of Court?

2. Why there is no punishment to KASAB as yet?

3. Why does Manmohan singh & the Congress party not support Baba against corruption?


Sonia: "You are an intelligent student Rahim."
Just then the recess bell rang.
Sonia: "Oh students, we wil continue after the recess is over".

After the recess...

Sonia: "Ok children where were we? So, anybody wants to ask a question"?
RAM raises his hand.
Sonia: "What's your name"?
Ram: "I'm Ram and I've 5 questions..
.

1. Why did you attack Baba without approval of the court?

2. Why no punishment to Kasab as yet?

3. Why does Manmohan Singh not support the fight against corruption?

4. Why did the recess bell ring 20 mins before the time?

5. Where is Rahim?

Wednesday, July 13, 2011


सोनिया के कुत्ते देश को बेबुनियादी ब्‍यानों में उलझा रहे हैं
अब इन झूठ बोलने वालो पर बिजली गिरनी चाहिए।
सत्य सनातन धर्म न मिट सका लंकेश की तलवार से,
सत्य सनातन धर्म न मिट सका कंश की हुनकर से,
वो सत्य सनातन धर्म क्या मिटेगा इस गद्दार सरकार से|
http://lh5.ggpht.com/-zgUtz8YbxtM/TfHMueiK9NI/AAAAAAAAAnA/7q3JYCfiDmY/s400/Soniya.jpg
सोनिया के कुत्ते देश को बेबुनियादी ब्‍यानों में उलझा रहे हैं
अब इन झूठ बोलने वालो पर बिजली गिरनी चाहिए।

Wednesday, November 4, 2009

 अफजल गुरू देशभक्त है, भगत सिंह व साध्वी आतंकवादी है।
 सिमी, इंडियन मुजाइद्दीन समाज सेवा में लगे संगठन है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विष्व हिन्दू परिषद आतंकवादी संगठन है।
 गोधरा-कांड एक दुघर्टना है, गुजरात दंगे सुनियोजित हैं।
 15 प्रतिशत मुसलमान इंसान है, 85 प्रतिशत हिन्दू कूड़ा-कचरा हैं।
 मालेगांव धमाके ही सच्चे धमाके हैं, अन्य जगहों पर हुए धमाके दिवाली के पटाखे हैं।
 मालेगांव में 5 मुसलमानों की मौत बहुत बड़ी घटना है, दूसरे स्थलों पर सहस्रों की संख्या में मौत के शिकार हिन्दू केकड़े हैं।
 मुसलमानों के लिए आरक्षण, हिन्दुओं के लिए धमाके।
 हज के लिए करोड़ो रूपये, अमरनाथ यात्रा के लिए फूटी कौड़ाी नहीं।
 इस्लामी आतंकवाद का समर्थन धर्मनिरपेक्षता है, भारतीय को मारना देशप्रेम हैं।
 बाबरी ढ़ांचे का गिराया जाना एक मुद्दा है, सैकड़ौं हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त करना विकास कार्य है।
 मुसलमान की मौत मृत्यु है, हिन्दू की मौत नियति हैं।
 हिन्दुओं को नियमों का पालन करना चाहिए, मुसलमानों के लिए कोई नियम नहीं।
 अल्लाह परमेश्वर है, राम एक काल्पनिक पात्र है।
 क्या यह हमारे सपनों का भारत हैं।
क्या कभी किसी ने सोचा है की हिन्दू का भी एक मन है। जब कभी सोचता है तो भारतीय राष्ट्रियेता के शोर में दबा दिया जाता है. मैं स्वीकार करता हु की भारत एक सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र है, परन्तु हिन्दू मन की थाह लेने वाला हिंदुस्तान मैं तो कोई नहीं है.
कांचीपुरम के शंकराचार्य को जेल भेजा जाता है, मीडिया चटकारे लगा लगा कर जोकरों की भांति समाचार सुनती है।
गणेशजी दूध पीते है (भगत की भावना के अनुसार) मीडिया अन्धविश्वाश बताती है परन्तु मेरी मूर्ति की आँखों के आंसू को इसाई धरम की महानता बताया जाता है
राम की अयोध्या पर लाख सवाल पूछा जाता है। राम के सेतु को नाकारा जाता है। रामायण का मजाक उडाया जाता है. परन्तु बोधिक विश्व, कुवारी मेरी की संतान का कुछ नहीं पूछा जाता है.
हिन्दू भारत वर्ष में सरस्वती वंदना को करने पर लाखो सवाल। सड़क पे नमाज़ धार्मिक सह्शुनता.
आदित्य योगी नाथ भगवा गुंडा है। और उलेमा शांति दूत है। जब की योगी आदित्य नाथ एक बहुत बड़े धाम के महंत है.
काशी, मुथरा, ओओध्य त्यागने के बाद भी हिन्दू भगवा गुंडा है, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, छोड़ कर भी हिन्दू भगवा गुंडा है
महात्मा गाँधी को अपना आदर्श मानने का दिखावा करने वाली कांग्रेस ने तो महात्मा गाँधी को भी सम्मान नहीं दिया ! राम के नाम को झूट कहने वाले भूल गए की उनका आदर्श महात्मा गाँधी "रघु पति राघव रजा राम" गाता था और मरते हुए भी उसके मुँह पे सिर्फ "हे राम" था ! फिर भी राम को असत्य घोषित करने के किये कांग्रेस सरकार ने कोर्ट में हलफनामा डाला !
राजनीती आज जिस मुकाम पे पहुँच चुकी है उसे सिर्फ हिन्दू ही ठीक कर सकता है .... क्योकि आज हम बहुसंख्यक है .... और पता नहीं कब तक है ... यदि यूं ही धरम परिवर्तन चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हम अपने ही देश में अल्पसंख्यक होंगे ! इसीलिए जो करना है अब ही कर लो !
मुलायम सिंह यादव, अमर सिंह, कल्याण सिंह, लल्लू यादव, राम विलास पासवान, राज ठाकरे, करुणानिधि, वृंदा करात, चाँद मुहम्मद उर्फ़ चन्द्रमोहन जैसे बिकाऊ और बाजारू नेताओ को भी इस बार धरती दिखानी है ..... हिन्दुओ को तोड़ने की इनकी कोशिशों गोली मारनी है ! आखिर हमें अपना अस्तित्व चाहिए !
भारत की नौकरशाही, अफ़सरशाही और नेता जिस “मक्कार कार्य संस्कृति” में ढल चुके हैं, लगता है अब उन्हें बदलना बेहद मुश्किल है।कभी सियाचिन में तैनात सैनिकों के जूतों और कपड़ों में भ्रष्टाचार, कभी संसद पर हमले के शहीदों की विधवाओं को पेट्रोल पंप के लिये चक्कर कटवाना, कभी शहीद करकरे की पत्नी को अन्तिम संस्कार का बिल भेजना, कभी कश्मीर और असम में जान हथेली पर लेकर देश की रक्षा करने वाली सेना की आलोचना करना, लगता है देशद्रोहियों की एक जमात खूब फ़ल-फ़ूल रही है।जो राष्ट्र अपने शहीदों और बहादुरों का उचित सम्मान करना नहीं जानता, उसके लिये नपुंसक शब्द का उपयोग करना भी नपुंसकों का अपमान है।
कई बार महसूस होता है कि अफ़ज़ल को फ़ाँसी इसलिये नहीं देना चाहिये कि उसने संसद पर हमला क्यों किया… बल्कि इस बात के लिये देना चाहिये कि आखिर उसने अपना काम ठीक ढंग से क्यों नहीं किया और सफ़ल क्यों नही हुआ? बहरहाल…